डॉ रामशंकर, बाराबंकी/अयोध्या/लखनऊ। सावन माह के प्रथम सोमवार पर प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। बाराबंकी के महादेवा स्थित लोढ़ेश्वर महादेव, अयोध्या के नागेश्वर नाथ, लखनऊ के मनकामेश्वर, बाराबंकी जनपद के सिदधौर स्थित सिद्धेश्वर महादेव तथा राम सनेही घाट स्थित बुढ़वाबाबा शिव मंदिर में तड़के ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर “हर-हर महादेव”, “बोल बम” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से गूंज उठे।
सुबह चार बजे से ही श्रद्धालु हाथों में गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और प्रसाद लेकर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए कतारों में खड़े दिखाई दिए। कांवड़िए पवित्र नदियों से जल लेकर मंदिरों में पहुंचे और शिवलिंग का अभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, प्रदेश की खुशहाली और विश्व कल्याण की कामना करते हुए भगवान शिव का रुद्राभिषेक और विशेष पूजन किया।
महादेवा स्थित लोढ़ेश्वर महादेव मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। वहीं सिदधौर के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ आसपास के जिलों से आए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। दूसरी ओर राम सनेही घाट स्थित बुढ़वाबाबा शिव मंदिर में भी भक्तों ने श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिरों को फूलों और आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया था।
अयोध्या के नागेश्वर नाथ मंदिर और लखनऊ के मनकामेश्वर मंदिर में भी दिनभर दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी रहा। भजन-कीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चार और घंटियों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण शिवमय बना रहा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवी संस्थाओं ने विशेष व्यवस्था की। जगह-जगह पेयजल, चिकित्सा सहायता और भंडारों की व्यवस्था की गई। सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरों और पुलिस बल की तैनाती भी की गई।
सावन के प्रथम सोमवार पर शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की यह भीड़ सनातन आस्था, धार्मिक परंपरा और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बनी। दिनभर “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण भक्तिमय बना रहा।

