रामशंकर, नई दिल्ली, 6 अगस्त 2026। दिल्ली विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकाय और दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल वर्क, सामाजिक कार्य विभाग ने Springer Nature के सहयोग से “From Research to Impact: Ethical Publishing & Knowledge Dissemination in Social Sciences” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में सामाजिक विज्ञान संकाय के विभिन्न विभागों के शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी शामिल हुए।
कार्यशाला का उद्देश्य सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में शोध, अकादमिक प्रकाशन और ज्ञान के प्रभावी प्रसार की क्षमताओं को मजबूत करना था। कार्यक्रम में शोध कार्य की गुणवत्ता बढ़ाने, प्रकाशनों की दृश्यता एवं प्रभाव को विस्तार देने तथा शोध को समाज और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में प्रो. नीना पांडेय, डीन, सामाजिक विज्ञान संकाय एवं विभागाध्यक्ष, सामाजिक कार्य विभाग; डॉ. राजेश सिंह, विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष एवं प्रमुख, दिल्ली विश्वविद्यालय पुस्तकालय प्रणाली (DULS); तथा डॉ. शशि रानी देव, एसोसिएट प्रोफेसर एवं DRC कोऑर्डिनेटर, सामाजिक कार्य विभाग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने जिम्मेदार, गुणवत्तापूर्ण और सामाजिक रूप से प्रासंगिक शोध को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
तकनीकी सत्रों का संचालन Springer Nature की अल्पना सगवाल, हेड ऑफ अकाउंट डेवलपमेंट एंड कस्टमर एंगेजमेंट, ग्लोबल रिसर्च मार्केटिंग टीम; सतविंदर कौर, सीनियर एडिटर, ह्यूमैनिटीज; और अनंत मिश्रा, सीनियर पब्लिशर, जर्नल्स ने किया। विशेषज्ञों ने पुस्तक प्रकाशन, शोध-पत्र लेखन, उपयुक्त जर्नल के चयन और शोध एवं प्रकाशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका तथा उससे जुड़े नैतिक पक्षों पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यशाला में मजबूत पुस्तक प्रस्ताव तैयार करने, संपादकीय प्रक्रिया को समझने, पीयर रिव्यू एवं संपादकीय निर्णयों की प्रक्रिया और प्रकाशित शोध की पहुंच तथा दीर्घकालिक प्रभाव बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। शिक्षकों और शोधार्थियों ने विशेषज्ञों से सवाल पूछे तथा अपने प्रकाशन अनुभव साझा किए। इससे कार्यशाला एकतरफा व्याख्यान के बजाय शोधकर्ताओं और प्रकाशन विशेषज्ञों के बीच संवाद का मंच बन गई।
कार्यशाला के दौरान शोध की विश्वसनीयता, प्रकाशन नैतिकता और ज्ञान के सामाजिक प्रभाव पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को यह संदेश दिया गया कि अकादमिक प्रकाशन केवल शोध की औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि ज्ञान को व्यापक समाज तक पहुंचाने और उसके प्रभाव को बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सामाजिक विज्ञान संकाय ने Springer Nature के सहयोग और सभी शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता के प्रति आभार व्यक्त किया।

