ANC वार्ता, कानपुर। सफलता के रहस्यों को सुलझाते हुए आत्मविश्वास, करुणा और मानसिक मजबूती का संदेश देने वाला दो दिवसीय मेंटल हेल्थ अवेयरनेस प्रोग्राम छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. गणेश शंकर ने अपने प्रेरणादायक सत्र “डिकोडिंग सक्सेस (Decoding Success)” में जीवन में सफलता प्राप्त करने के व्यावहारिक सिद्धांतों और चरणों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वास दिलाया कि — “यदि व्यक्ति इन सिद्धांतों को जीवन में उतार ले, तो सफलता केवल लक्ष्य नहीं, जीवनशैली बन जाती है।”
डॉ. शंकर ने “आई लाइक मायसेल्फ (I Like Myself)” मंत्र साझा करते हुए आत्म-स्वीकृति और आत्म-सम्मान को सफलता की बुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि आत्म-प्रेम और आत्म-जागरूकता ही व्यक्ति को अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने की शक्ति देती है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से “इमोशनल करेंसी (Emotional Currency)” — यानी भावनात्मक मूल्यों को पहचानने, सहेजने और समझने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में डॉ. गणेश शंकर ने “मेंटल हेल्थ एंड इमोशनल रेज़िलियंस (Mental Health and Emotional Resilience)” विषय पर ज्ञानवर्धक एक्सपर्ट टॉक दी। उन्होंने बताया कि मानसिक संतुलन और भावनात्मक मजबूती आज के प्रतिस्पर्धी युग में सबसे बड़ी आवश्यकता हैं। तनाव प्रबंधन, आत्म-दया और आत्म-जागरूकता के व्यावहारिक उपाय साझा करते हुए उन्होंने कहा — “मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल कमजोरी नहीं, बल्कि असली ताकत है।”
सत्र के दौरान एम.ए. क्लिनिकल साइकोलॉजी के छात्रों ने एक प्रेरणादायक गीत प्रस्तुति देकर वातावरण को सकारात्मकता और ऊर्जा से भर दिया। गीत की मधुरता और संदेश ने सभी उपस्थित लोगों के मन में आत्म-विश्वास की नई लहर जगा दी।
इसके पश्चात पोस्टर मेकिंग और सेल्फ-एक्सप्रेशन (Self-Expression) प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता की थीम “एक्सेसिबल मेंटल हेल्थ सर्विसेज़ ड्यूरिंग कैटास्ट्रोफेस एंड इमरजेंसीज़” ने विद्यार्थियों को रचनात्मकता के माध्यम से करुणा, आशा और जागरूकता का संदेश देने का अवसर प्रदान किया। छात्रों की कलाकृतियाँ इस बात का प्रतीक बनीं कि कला और संवेदना, दोनों मिलकर सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन सकती हैं।
कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने वाले विशिष्ट अतिथियों में डॉ. प्रियंका शुक्ला, डॉ. अनीता अवस्थी, डॉ. उर्वशी, डॉ. अभिषेक मिश्रा, डॉ. सत्येंद्र, फाइन आर्ट्स विभाग से श्री राजकुमार और श्री मिठाई लाल, तथा मिशन शक्ति की नोडल अधिकारी डॉ. रश्मि गोरे की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस आयोजन की सफलता में डॉ. अनमोल श्रीवास्तव, सुश्री दुर्गा यादव, श्री अहमद अब्दुल्ला, श्री सृजन श्रीवास्तव, सुश्री अंशिका अवस्थी, सुश्री फलक परवेज़, प्रो. संदीप कुमार सिंह और क्लिनिकल साइकोलॉजी विभाग के विद्यार्थियों का सराहनीय योगदान रहा।
दो दिवसीय कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय परिसर को संवाद, आत्म-चिंतन और करुणा के वातावरण से भर दिया। इस मंच ने छात्रों को अपने विचारों, भावनाओं और अनुभवों को अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता और सुरक्षा का एहसास कराया।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. गणेश शंकर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा —
“सफलता केवल बाहरी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि आत्म-स्वीकृति, आत्म-करुणा और भावनात्मक बुद्धिमत्ता में निहित है। अपने विचारों, भावनाओं और अनुभवों को समझना और साझा करना न केवल स्वयं को सशक्त बनाता है, बल्कि दूसरों के प्रति सहानुभूति और संवेदनशीलता भी बढ़ाता है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि कठिनाइयाँ और चुनौतियाँ जीवन का हिस्सा हैं, परंतु सकारात्मक दृष्टिकोण, आत्म-जागरूकता और मानसिक लचीलापन के माध्यम से हर बाधा को अवसर में बदला जा सकता है।
यह आयोजन CSJMU की उस प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बना, जिसके केंद्र में है — मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और समग्र कल्याण को प्रोत्साहित करना।

