ANCवार्ता, दिल्ली
कुम्हड़ा, जिसे आम बोलचाल में कद्दू कहा जाता है, हमारे किचन की सबसे सामान्य लेकिन सबसे ताक़तवर सब्ज़ियों में से एक है। अकसर लोग इसे केवल “सस्ती सब्ज़ी” समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन आयुर्वेद से लेकर आधुनिक विज्ञान तक, कुम्हड़े को चमत्कारिक औषधि माना गया है। इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि कई गंभीर बीमारियों से भी बचाव करते हैं।
पाचन और वजन घटाने में लाभकारी
कुम्हड़े में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मज़बूत बनाता है और कब्ज़, गैस व अपच जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाता है। यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, इसलिए वजन घटाने वालों के लिए यह एक आदर्श आहार है।
दिल और ब्लड प्रेशर के लिए रामबाण
कद्दू पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो रक्तचाप को नियंत्रित करता है और हृदय रोगों के खतरे को कम करता है। डॉक्टर अक्सर हृदय रोगियों को कुम्हड़ा अपने आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं।
आंखों की रोशनी और दिमाग़ के लिए उपयोगी
कुम्हड़े में बीटा-कैरोटीन पाया जाता है, जो शरीर में जाकर विटामिन-ए में बदलता है। यह आंखों की रोशनी को बढ़ाता है और मोतियाबिंद से बचाव करता है। वहीं, कुम्हड़े के बीजों में मौजूद ट्रिप्टोफैन तनाव कम करके दिमाग़ को शांत करता है और नींद बेहतर बनाता है।
शरीर को करे डिटॉक्स
कुम्हड़े का जूस शरीर से हानिकारक तत्व (toxins) बाहर निकालता है और लीवर तथा किडनी को मजबूत करता है। यह प्राकृतिक डिटॉक्स ड्रिंक के रूप में बेहद असरदार है।
त्वचा और बालों के लिए वरदान
कद्दू में मौजूद विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को चमकदार बनाते हैं और उम्र बढ़ने के असर को कम करते हैं। नियमित सेवन से बाल मज़बूत होते हैं और झड़ना कम होता है।
मधुमेह और इम्यूनिटी बूस्टर
कुम्हड़े में पाए जाने वाले फाइटोकेमिकल्स और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स इसे मधुमेह रोगियों के लिए सुरक्षित और फायदेमंद बनाते हैं। साथ ही, इसमें विटामिन-A, C और आयरन मौजूद होता है, जो इम्यूनिटी को मज़बूत करता है और संक्रमण से बचाता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए सुपरफूड
कुम्हड़ा फोलिक एसिड और आयरन से भरपूर होता है, जो गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए बेहद ज़रूरी है। यह न केवल रक्त की कमी को दूर करता है बल्कि बच्चे के मस्तिष्क और शारीरिक विकास में भी सहायक है।
कुम्हड़ा केवल एक साधारण सब्ज़ी नहीं बल्कि प्राकृतिक औषधि है। चाहे आप इसे सब्ज़ी के रूप में खाएं, सूप बनाकर लें, जूस पिएं या इसके बीजों का सेवन करें—हर रूप में यह शरीर को सेहत और ताजगी देता है।

