Trending राजनीति राष्ट्रीय

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तूफान: ED छापे पर ममता का हाईवोल्टेज ड्रामा, विपक्ष ने की राष्ट्रपति शासन की मांग

ANCवार्ता ब्यूरो, कोलकाता
पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। 8 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग की संयुक्त टीमों ने इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) के कोलकाता कार्यालय और इसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर आकस्मिक छापेमारी की। हवाला लेन-देन और विदेशी फंडिंग के आरोपों के बीच हुई इस कार्रवाई ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को उस समय झटका दिया है, जब 2026 के विधानसभा चुनाव में महज कुछ महीने शेष हैं। छापे के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मौके पर पहुंचना, ED अधिकारियों से तीखी नोकझोंक और FIR दर्ज कराने की घटना ने मामले को और हाईवोल्टेज बना दिया।

छापेमारी का पूरा ब्योरा: हवाला और चुनावी रणनीति पर सवाल

सूत्रों के अनुसार, ED और आयकर विभाग की टीमें सुबह करीब 10 बजे I-PAC के कोलकाता मुख्यालय पहुंचीं। आरोप है कि संस्था के जरिए हवाला रूट से बड़े पैमाने पर लेन-देन किया गया, जिसका इस्तेमाल चुनावी अभियानों में हुआ। I-PAC ने 2021 के विधानसभा चुनाव में TMC को रणनीतिक सलाह, डेटा एनालिटिक्स और वोटर टारगेटिंग सेवाएं दी थीं। जांच एजेंसियों ने कार्यालय से कई फाइलें, हार्ड डिस्क, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए।
प्रतीक जैन के आवास पर भी सर्च ऑपरेशन चला, जहां कथित तौर पर विदेशी फंडिंग और अनियमित लेन-देन से जुड़े दस्तावेज मिलने का दावा किया गया। ED का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आयकर नियमों और विदेशी योगदान से संबंधित कानूनों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं। हालांकि, प्रतीक जैन ने सभी आरोपों को नकारते हुए इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” बताया और कहा कि उनकी संस्था की सेवाएं पूरी तरह पेशेवर और पारदर्शी हैं।

ममता का मौके पर हल्लाबोल: दस्तावेज ले गईं, ED पर FIR

छापेमारी की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोपहर करीब 2 बजे I-PAC कार्यालय पहुंचीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उन्होंने ED अधिकारियों को घेरते हुए कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई और जब्त किए गए कुछ दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक सामग्री वापस ले ली। ममता का आरोप था कि केंद्रीय एजेंसियां TMC की चुनावी रणनीति “चुराने” और पार्टी को कमजोर करने के इरादे से काम कर रही हैं।
ममता ने यह भी कहा कि बिना राज्य सरकार को पूर्व सूचना दिए की गई कार्रवाई संघीय ढांचे का उल्लंघन है। इसके बाद स्थानीय थाने में ED अधिकारियों के खिलाफ अवैध घुसपैठ, दस्तावेज चोरी और राज्य सरकार को अस्थिर करने की साजिश जैसी धाराओं में FIR दर्ज कराई गई। इस दौरान TMC समर्थकों ने दफ्तर के बाहर जोरदार नारेबाजी की, वहीं ED टीम को भारी सुरक्षा के बीच परिसर से बाहर निकलना पड़ा।

विपक्ष का हमला: BJP ने की राष्ट्रपति शासन की मांग

मुख्यमंत्री के इस कदम पर विपक्ष ने तीखा हमला बोला। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे “कानून के राज पर हमला” करार देते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांता मजुमदार ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद कानून हाथ में लेकर केंद्रीय एजेंसी के काम में बाधा डाल रही हैं, जो अराजकता का संकेत है।
वहीं कांग्रेस और CPI(M) ने ममता की कार्रवाई की आलोचना तो की, लेकिन साथ ही केंद्र पर चुनावी लाभ के लिए जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया। TMC ने पलटवार करते हुए कहा कि यह केंद्र की मोदी सरकार द्वारा रचा गया TMC-विरोधी षड्यंत्र है।

2026 चुनावों से पहले जंग चरम पर

यह पूरा घटनाक्रम 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सामने आया है, जब TMC और BJP के बीच सीधी और तीखी लड़ाई तय मानी जा रही है। 2021 में TMC की प्रचंड जीत के बाद BJP ने संगठनात्मक स्तर पर खुद को मजबूत किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि I-PAC पर छापा TMC की डिजिटल और डेटा-आधारित चुनावी रणनीति को कमजोर करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
ED ने स्पष्ट किया है कि जांच कानून के दायरे में जारी रहेगी और किसी भी राजनीतिक दबाव से प्रभावित नहीं होगी। उधर, ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में अदालतों में कानूनी लड़ाई, सड़कों पर राजनीतिक संघर्ष और चुनावी बयानबाजी—तीनों के तेज होने की संभावना है। बंगाल की सियासत में यह नया अध्याय किस मोड़ पर पहुंचेगा, इस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।

ANC Varta

About Author

You may also like

Trending ग्रामीण भारत

कुम्हड़ा के चमत्कारिक फायदे : आपकी थाली से सेहत तक का सफर

ANCवार्ता, दिल्ली कुम्हड़ा, जिसे आम बोलचाल में कद्दू कहा जाता है, हमारे किचन की सबसे सामान्य लेकिन सबसे ताक़तवर सब्ज़ियों
ग्राउंड रिपोर्ट राष्ट्रीय

प्रेमानन्द महाराज को गले लगाएंगे रामभद्राचार्य : विवादों पर सुलह की राह

  ANC वार्ता ब्यूरो, नई दिल्ली भारतीय संत परंपरा में गुरुजन और महापुरुषों के बीच मतभेद और विवाद नए नहीं