राष्ट्रीय शिक्षा

स्व. आनंदस्वरूप मिश्र की जन्मशताब्दी पर पुष्पांजलि एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह सम्पन्न

न्यायमूर्ति करुणानन्द बाजपेयी, न्यायमूर्ति अशोक गुप्ता, प्रो आशा शुक्ला, प्रो रवीन्द्र शुक्ला सहित अनेक शिक्षाविदों ने दी श्रद्धांजलि

ANC वार्ता ब्यूरो
शिक्षा, समाजसेवा और मानवीय मूल्यों के प्रतीक स्वर्गीय श्री आनंदस्वरूप मिश्र (1925–2015) की जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार, 9 नवम्बर 2025 को सायं 5 बजे एक गरिमामय कार्यक्रम “पुष्पांजलि एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह” का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम आशा पारस फॉर पीस एंड हार्मनी फाउंडेशन, भारत के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में देश-विदेश से अनेक विशिष्ट शिक्षाविद्, न्यायविद्, समाजसेवी एवं पूर्व छात्रगण आभासी मंच पर उपस्थित रहे।  सभी अतिथियों ने स्व. मिश्र जी को भावांजलि एवं शब्दांजलि देकर याद किया।

मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति करुणानन्द बाजपेयी ने कहा — “श्री आनंदस्वरूप मिश्र जी का जीवन एक युग का उद्घोष था। उन्होंने सीमित संसाधनों में शिक्षा की ऐसी ज्योति प्रज्वलित की, जो आज भी हजारों जीवनों को आलोकित कर रही है। उनका जीवन संयम, सादगी और समर्पण का प्रतिमान था।”

उन्होंने आगे कहा कि मिश्रा जी ने ग्रामीण भारत में शिक्षा की अलख जगाकर समाज में नयी चेतना पैदा की। “हमें उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए — यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”

आभासी मंच के माध्यम से उपस्थित प्रमुख अतिथियों में — न्यायमूर्ति अशोक गुप्ता, प्रो. ऋषि मुनि द्विवेदी, प्रो. राजेश किशोर त्रिपाठी (प्राचार्य), प्रो. आशा शुक्ला, आदित्य वाजपेयी, सुनीता मिश्रा, अरविंद वर्मा, राकेश मिश्रा, डॉ. मनोहर सुब्रमणियम, आनंद मिश्रा (वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी), डॉ. मार्कण्डेय राय, डॉ. अंजन, पल्लवी मिश्र, न्यायमूर्ति आनंद वाजपेयी, प्रो. रविंद्र शुक्ला, प्रो. श्यामबाबू गुप्ता, प्रो. जितेन्द्र पांडेय, डॉ. ललित, डॉ. धीरेंद्र शुक्ला, श्री रमेश राय, श्रीमती मोना तिवारी, श्रीमती मंजू शर्मा, श्री आलोक शुक्ला, श्री अमिताभ खरे, श्रीमती दीपा, राजबहादुर सिंह, अजय दुबे, दत्ता जी, लक्ष्मी देवी, तथा गोमती द्विवेदी शामिल रहे।

कार्यक्रम के विशेष आकर्षण के रूप में प्रसिद्ध शिक्षाविद् प्रो. आशा शुक्ला द्वारा संपादित पुस्तक “Gender Disparities in Health Issues” का लोकार्पण किया गया। यह ग्रंथ स्वास्थ्य क्षेत्र में लैंगिक असमानताओं पर केंद्रित एक शोध-आधारित कृति है, जिसे समाज में समानता और संवेदनशीलता की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान बताया गया।

समारोह में वक्ताओं ने स्व. मिश्र जी के योगदानों का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल शैक्षणिक संस्थान स्थापित किए, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिकता और जीवन मूल्यों का संस्कार भी रोपित किया।
सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि — “स्व. आनंदस्वरूप मिश्र जी ने समाज में जो शिक्षा की नींव रखी, उसे हमें आगे बढ़ाना है। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

अंत में आयोजक संस्था की निदेशक प्रो. आशा शुक्ला ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि “हमारे फाउंडेशन का उद्देश्य शिक्षा, शांति और समानता के संदेश को समाज तक पहुँचाना है — जो स्व. मिश्र जी के जीवन का सार रहा।”

समारोह का समापन दो मिनट मौन रखकर एवं पुष्पांजलि अर्पण के साथ किया गया। उपस्थित अतिथियों ने यह संकल्प लिया कि वे स्व. आनंदस्वरूप मिश्र जी की शिक्षा, सेवा और संस्कार की परंपरा को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देंगे।

ANC Varta

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