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राम जन्मभूमि आंदोलन के स्तंभ, पूर्व सांसद रामविलास वेदांती का निधन

राम जन्मभूमि आंदोलन के वरिष्ठ संत और पूर्व सांसद रामविलास वेदांती गोलोकवासी

ANC वार्ता , ब्यूरो ,अयोध्या।
राम जन्मभूमि आंदोलन के वरिष्ठ सदस्य, प्रख्यात संत और पूर्व सांसद स्वामी रामविलास वेदांती का निधन हो गया। उनके निधन से अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। संत रामविलास वेदांती लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके देहावसान को राम मंदिर आंदोलन के एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।

स्वामी रामविलास वेदांती राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रारंभिक और प्रमुख चेहरों में गिने जाते थे। उन्होंने मंदिर आंदोलन के कठिन दौर में संत समाज के साथ मिलकर संघर्ष किया और राम मंदिर निर्माण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाया। अयोध्या में हुए कई बड़े आंदोलनों, सभाओं और धर्मसभाओं में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही।

राजनीतिक जीवन में भी स्वामी रामविलास वेदांती सक्रिय रहे। वे भारतीय जनता पार्टी से सांसद रहे और संसद में रहते हुए उन्होंने राम मंदिर, सनातन संस्कृति और राष्ट्रवादी मुद्दों को मजबूती से उठाया। संत होने के साथ-साथ वे स्पष्ट वक्ता और निर्भीक विचारों के लिए जाने जाते थे।

उनके निधन पर संत समाज, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े संतों ने कहा कि वेदांती जी का पूरा जीवन रामभक्ति, राष्ट्रसेवा और सनातन संस्कृति के लिए समर्पित रहा। मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की है।

अयोध्या में उनके अंतिम दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। उनके शिष्यों और समर्थकों का कहना है कि राम मंदिर निर्माण का सपना साकार होते देखना उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

स्वामी रामविलास वेदांती का जाना संत समाज और राम भक्तों के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है, लेकिन उनके विचार, संघर्ष और योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे। ॐ शांति।

ANC Varta

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