अंतरराष्ट्रीय खेल

भारत विमेंस वर्ल्ड कप के फाइनल में: जेमिमा रॉड्रिग्ज के शतक से ऑस्ट्रेलिया को मात, टीम इंडिया ने रचा इतिहास


ANC वार्ता | रोशनी शंकर 

भारत की बेटियों ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। नवी मुंबई के डी.वाई. पाटिल स्टेडियम में गुरुवार की शाम भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से हराकर विमेंस वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में धमाकेदार एंट्री कर ली। टीम इंडिया ने 339 रनों का विशाल लक्ष्य 48.3 ओवर में हासिल कर लिया।

इस जीत की सबसे बड़ी हीरो बनीं जेमिमा रॉड्रिग्ज, जिन्होंने शानदार 127 रन बनाकर नाबाद रहीं। मैच जीतते ही जेमिमा भावुक हो गईं और मैदान पर ही रो पड़ीं। उन्होंने दोनों हाथ जोड़कर दर्शकों का आभार जताया। उनके चेहरे पर खुशी के साथ जिम्मेदारी का संतुलन साफ झलक रहा था। यह भारत की तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में एंट्री है और अब टीम 2 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका से खिताबी मुकाबला खेलेगी।

 भारत की जीत का नायाब पल

ऑस्ट्रेलिया की पारी 338 रन पर सिमटने के बाद भारत ने लक्ष्य का पीछा आत्मविश्वास के साथ शुरू किया। हालांकि शुरुआती झटके जरूर लगे — 59 रन के स्कोर पर भारत ने दो विकेट खो दिए। लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह भारतीय क्रिकेट इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया।

जेमिमा रॉड्रिग्ज ने कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ तीसरे विकेट के लिए 167 रनों की जबरदस्त साझेदारी की। हरमनप्रीत ने 89 रनों की पारी खेलकर जेमिमा का साथ दिया। दोनों ने मिलकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

हरमनप्रीत के आउट होने के बाद भी जेमिमा ने मोर्चा नहीं छोड़ा। उन्होंने दीप्ति शर्मा (24 रन), ऋचा घोष (26 रन) और अंत में अमनजोत कौर (नाबाद 15 रन) के साथ अहम साझेदारियाँ कीं।

 जेमिमा का शतक और भावनाओं का सैलाब

134 गेंदों पर 127 रनों की पारी खेलने वाली जेमिमा ने अपनी बल्लेबाजी से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने 14 चौके जड़े और अपनी पारी के दौरान कई बार जीवनदान भी पाया। लेकिन हर मौके का उन्होंने भरपूर फायदा उठाया।

जब भारत को जीत के लिए अंतिम चार रन चाहिए थे, तब सोफी मोलिनिक्स की गेंद पर अमनजोत कौर ने चौका जड़कर भारत को फाइनल में पहुंचा दिया। गेंद बाउंड्री पार करते ही पूरा स्टेडियम “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा।

विजयी शॉट लगते ही जेमिमा घुटनों के बल बैठ गईं, उनकी आंखों से खुशी के आंसू झरने लगे। टीम की बाकी खिलाड़ी दौड़कर मैदान में आईं और उन्हें गले से लगा लिया।

 भारत की गेंदबाजी: स्पिनर्स का कमाल

ऑस्ट्रेलिया की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 338 रन बनाए। उनकी ओर से फीबी लिचफील्ड ने 119, एलिस पेरी ने 77 और एश्ले गार्डनर ने 63 रनों की पारी खेली।

भारत की ओर से श्री चरणी और दीप्ति शर्मा ने 2-2 विकेट झटके। जबकि क्रांति गौड़, अमनजोत कौर और राधा यादव को एक-एक विकेट मिला। फील्डिंग में भी भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया — तीन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज रनआउट हुए।

 मैच के टर्निंग पॉइंट्स

  1. हरमन-जेमिमा की 167 रन की साझेदारी – जब भारत संकट में था, तब दोनों ने टीम को संभाला और पारी को मजबूत किया।

  2. जेमिमा को मिले तीन जीवनदान – ऑस्ट्रेलिया की फील्डिंग कमजोर रही। उन्होंने जेमिमा के तीन आसान कैच छोड़े, जो मैच का रुख पलटने में निर्णायक साबित हुए।

  3. दीप्ति शर्मा का रनआउट प्रयास – ऑस्ट्रेलिया की तेज शुरुआत को रोकने में भारतीय फील्डिंग ने अहम भूमिका निभाई।

  4. अमनजोत का विजयी चौका – पूरे देश को जश्न में झोंकने वाला क्षण, जिसने भारत को तीसरी बार फाइनल में पहुंचा दिया।

 जीत के यादगार लम्हे

  • मैच खत्म होते ही जेमिमा क्रीज पर बैठकर फूट-फूटकर रोने लगीं।

  • कप्तान हरमनप्रीत कौर और अमनजोत कौर ने उन्हें गले लगाया।

  • दर्शक दीर्घा में भारतीय झंडे लहराते दिखे और पूरे स्टेडियम में “भारत जीतेगा” की गूंज छा गई।

भारत की तीसरी बार फाइनल में एंट्री

भारतीय महिला टीम अब तक दो बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंच चुकी है — 2005 और 2017 में। दोनों बार टीम उपविजेता रही थी। लेकिन इस बार टीम इंडिया का लक्ष्य साफ है — “अबकी बार कप हमारा।”

कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद कहा,

“हमने इस जीत के लिए बहुत मेहनत की है। ऑस्ट्रेलिया को हराना आसान नहीं होता। जेमिमा की पारी ऐतिहासिक थी। अब हमारा पूरा फोकस फाइनल पर है।”

अब मुकाबला साउथ अफ्रीका से

वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला 2 नवंबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। साउथ अफ्रीका ने अपने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। दोनों टीमों के बीच यह महामुकाबला अब पूरे विश्व की नजरों में है।

 दोनों टीमों की प्लेइंग-11

भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, अमनजोत कौर, जेमिमा रॉड्रिग्ज, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, राधा यादव, क्रांति गौड़, श्री चरणी, रेणुका सिंह ठाकुर।

ऑस्ट्रेलिया: एलिसा हीली (कप्तान और विकेटकीपर), फीबी लिचफील्ड, एलिस पेरी, बेथ मूनी, एनाबेल सदरलैंड, एश्ले गार्डनर, ताहलिया मैक्ग्रा, किम गार्थ, सोफी मोलिनिक्स, अलाना किंग, मेगन शट।

 प्रशंसकों की प्रतिक्रियाएँ

सोशल मीडिया पर भारतीय प्रशंसकों ने टीम को बधाई दी।
एक यूजर ने लिखा — “यह सिर्फ जीत नहीं, यह भारतीय महिला क्रिकेट की क्रांति है।”
दूसरे ने लिखा — “जेमिमा ने आज साबित कर दिया कि वह टीम इंडिया की नई ‘वंडर वुमन’ हैं।”

भारत की यह जीत न केवल क्रिकेट की जीत है, बल्कि भारतीय महिला शक्ति की भी प्रतीक है। जिस तरह से जेमिमा, हरमनप्रीत, और टीम की बाकी खिलाड़ियों ने संयम, साहस और आत्मविश्वास दिखाया, वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।

अब सबकी निगाहें फाइनल पर हैं — क्या भारत तीसरी बार फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच पाएगा? क्या 2025 का यह वर्ल्ड कप भारत की बेटियों के नाम होगा?

देश के करोड़ों दिलों से एक ही आवाज —
“अबकी बार, भारत का वार!”

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