दिल्ली-एनसीआर में नवरात्रि पर महंगाई की मार, फल से लेकर मखाना और कुट्टू के आटे तक बढ़े दाम
Ancवार्ता,ब्यूरो,नई दिल्ली: शारदीय नवरात्रि के अवसर पर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। मंदिरों से लेकर पूजा सामग्री की दुकानों और फल बाजारों तक लोगों की चहल-पहल देखने को मिल रही है। हालांकि, त्योहार के उत्साह के बीच महंगाई ने व्रत रखने वाले लोगों का बजट बिगाड़ दिया है। फल, साबूदाना, मखाना और कुट्टू के आटे सहित व्रत में इस्तेमाल होने वाली कई जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
लोगों का कहना है कि पहले जिस बजट में पूरे परिवार के लिए व्रत का सामान आसानी से खरीदा जा सकता था, अब उसी सामान के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। ऐसे में ग्राहकों को खरीदारी से पहले कीमतों का हिसाब लगाना पड़ रहा है।
फलाहार से लेकर व्रत की सामग्री तक महंगी
नवरात्रि में व्रत रखने वाले लोग फलाहार के लिए सेब, केला, अनार और अन्य मौसमी फल खरीदते हैं। इसके अलावा साबूदाना, मखाना और कुट्टू का आटा भी व्रत के दौरान इस्तेमाल होने वाली प्रमुख सामग्री में शामिल हैं। त्योहार के दौरान इन वस्तुओं की मांग बढ़ने के बीच कीमतों में आए बदलाव का असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है।
बाजार में कई ग्राहक सामान खरीदने से पहले उसके दाम पूछ रहे हैं। कुछ लोग कीमतें अधिक होने के कारण खरीदारी सीमित रखने को मजबूर हैं। वहीं, दुकानदारों का कहना है कि सामान की गुणवत्ता के आधार पर भी कीमतों में अंतर देखने को मिलता है।
सेब, केला और अनार के दाम में बढ़ोतरी
व्रत के दौरान फलों की मांग अधिक रहती है, लेकिन इस बार ग्राहकों को इनके लिए पहले से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। बाजार में सेब की कीमत 100 रुपये से बढ़कर 120 रुपये प्रति किलो हो गई है। वहीं, केले के दाम भी बढ़े हैं। पहले 50 रुपये प्रति दर्जन मिलने वाले केले अब 60 से 70 रुपये प्रति दर्जन बिक रहे हैं।
अनार की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। पहले 160 रुपये प्रति किलो मिलने वाला अनार अब 180 से 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। इससे फलाहार की थाली तैयार करने का खर्च बढ़ गया है।
साबूदाना, कुट्टू का आटा और मखाना भी महंगे
व्रत में इस्तेमाल होने वाली अन्य प्रमुख खाद्य सामग्री की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। साबूदाना, जिसका इस्तेमाल खिचड़ी और दूसरी व्रत की डिश बनाने में किया जाता है, अब 100 रुपये के बजाय 110 से 115 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
इसी तरह कुट्टू के आटे की कीमत 120 रुपये से बढ़कर 130 रुपये प्रति किलो हो गई है। वहीं, मखाने के दाम भी बढ़ गए हैं। पहले 1,000 रुपये प्रति किलो मिलने वाला मखाना अब 1,050 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
व्रत की प्रमुख सामग्री के मौजूदा और पुराने दाम:
| खाद्य सामग्री | पहले की कीमत | मौजूदा कीमत |
|---|---|---|
| सेब | ₹100/किलो | ₹120/किलो |
| केला | ₹50/दर्जन | ₹60–70/दर्जन |
| अनार | ₹160/किलो | ₹180–200/किलो |
| साबूदाना | ₹100/किलो | ₹110–115/किलो |
| कुट्टू का आटा | ₹120/किलो | ₹130/किलो |
| मखाना | ₹1,000/किलो | ₹1,050/किलो |
त्योहारों में बढ़ते खर्च से ग्राहक परेशान
महंगाई को लेकर ग्राहकों में चिंता दिखाई दे रही है। ग्राहक दीपक का कहना है कि त्योहार आते ही फल से लेकर पूजा सामग्री तक कई चीजों के दाम बढ़ जाते हैं। इसका सीधा असर लोगों के बजट पर पड़ता है।
वहीं, कन्हैया सैनी के मुताबिक, नवरात्रि में व्रत रखने वाले लोगों के लिए फल और व्रत की सामग्री खरीदना जरूरी होता है, लेकिन कीमतें बढ़ने से खर्च का हिसाब लगाना पड़ रहा है।
दाम पूछकर ही लौट रहे कुछ ग्राहक
दुकानदार रवीन्द्र का कहना है कि त्योहारों के दौरान ग्राहक अब हर सामान का भाव पूछकर खरीदारी का फैसला कर रहे हैं। कीमतों में बढ़ोतरी के कारण लोग अपनी जरूरत के मुताबिक ही सामान खरीद रहे हैं। कुछ ग्राहक दाम पूछने के बाद बिना खरीदारी किए वापस भी लौट जाते हैं।
कुल मिलाकर, नवरात्रि के दौरान बाजारों में बढ़ी रौनक के बीच व्रत की सामग्री महंगी होने से आम परिवारों का खर्च बढ़ गया है। फल और जरूरी खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण लोगों को अपनी खरीदारी का बजट पहले से अधिक सावधानी के साथ तय करना पड़ रहा है।

