अयोध्या, ANCवार्ता
उत्तर प्रदेश के 17 नगर निगमों के महापौर अयोध्या में दो दिवसीय सम्मेलन के लिए एकत्र हुए हैं। कानपुर की महापौर प्रमिला पांडे के अनुसार, सभी महापौर आज अयोध्या पहुँचे और 28 दिसंबर तक यहां ठहरेंगे। यह सम्मेलन विशेष रूप से नगरीय विकास, स्वच्छता, प्रशासनिक नवाचार और शहरों के सतत विकास मॉडल पर केंद्रित है।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न नगर निगमों के बीच बेहतर प्रथाओं और नवाचारों का आदान-प्रदान करना है, ताकि राज्य के शहरों को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित बनाया जा सके। इसमें नगर प्रबंधन से जुड़े प्रमुख मुद्दों — जैसे कचरा निस्तारण, जल-निकासी, शहरी सौंदर्यीकरण, यातायात प्रबंधन और स्मार्ट सिटी अवधारणा — पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ और परिचर्चाएँ आयोजित की जाएंगी।
महापौरों ने अयोध्या पहुँचते ही शहर के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने दर्शन-पूजन किया, शहर में चल रही विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया और अयोध्या के तीव्र रूप से बदलते स्वरूप का अवलोकन किया। शनिवार शाम को सभी महापौर सरयू घाट पर आरती में शामिल हुए, जिसके बाद उन्होंने क्रूज़ के माध्यम से सरयू विहार का आनंद लिया। महापौरों ने राम की पैड़ी के आसपास किए गए सौंदर्यीकरण कार्यों और नदी तट के विकास मॉडल की भी प्रशंसा की।
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की मेजबानी अयोध्या के महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी कर रहे हैं। यह आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस मंशा के अनुरूप है, जिसमें राज्य के स्थानीय निकायों में सुशासन, डिजिटल प्रशासन और स्वच्छता मिशन को और मजबूत करने पर बल दिया गया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि स्थानीय नगर निकाय राज्य की शहरी प्रगति की आधारशिला हैं और उनके बीच अनुभव साझा करना भविष्य की योजनाओं के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा।
सम्मेलन के दौरान महापौरों को अयोध्या स्मार्ट सिटी परियोजना, राम मंदिर के आसपास विकसित किए जा रहे इन्फ्रास्ट्रक्चर, नगर निगम के ई-गवर्नेंस मॉडल और कचरा प्रबंधन प्रथाओं की विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी। उम्मीद है कि इन मॉडलों को अन्य शहरों में भी अपनाया जाएगा।
दो दिवसीय सम्मेलन से राज्य के नगर निकायों के बीच समन्वय बढ़ने, नई तकनीकों के आदान-प्रदान और शहरी समस्याओं के समाधान में गति आने की संभावना है। महापौरों का यह सामूहिक प्रयास उत्तर प्रदेश के शहरी विकास और स्वच्छता को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।

