ANC वार्ता, ब्यूरो, लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर चल रहे प्रदेशव्यापी प्रदर्शन पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बेरोज़गारी की पीड़ा से गुजर रहे युवाओं के साथ जिस तरह से अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है, वह भाजपा के सत्ता के अहंकार को दर्शाता है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्रों के साथ मारपीट, बाल पकड़कर घसीटना और अपमानित करना किसी भी लोकतांत्रिक सरकार को शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि यह सरकार अपनी ताक़त दिखाने के लिए अमानुषिक रवैया अपना रही है, जबकि सच्चाई यह है कि पढ़े-लिखे युवा लड़ना नहीं चाहते, वे सिर्फ़ निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वच्छ भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।
भर्ती संस्थानों में SIR की मांग
सपा प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश के भर्ती संस्थानों में SIR (Special Investigation Report / Special Institutional Review) कराया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा प्रणाली और चयन प्रक्रिया पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
अखिलेश यादव ने कहा,
“हम प्रतियोगी अभ्यर्थियों के साथ नैतिक बल बनकर खड़े हैं। युवाओं की मांग कोई असंवैधानिक मांग नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि नौकरी की प्रक्रिया में शुद्धीकरण हो और उन्हें उनका हक़ मिले।”
भाजपा सरकार पर सत्ता के अहंकार का आरोप
उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता का अहंकार सरकार को संवेदनहीन बना चुका है। बेरोज़गारी से जूझ रहे युवाओं की आवाज़ सुनने के बजाय, सरकार दमन का रास्ता अपना रही है। यह रवैया न सिर्फ़ लोकतंत्र के खिलाफ़ है, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ है।
अखिलेश यादव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि
“भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि युवाओं के साथ किया गया यह बर्बरतापूर्ण व्यवहार कभी भुलाया नहीं जाएगा। युवा इसे माफ़ नहीं करेंगे और समय आने पर इसका जवाब देंगे।”
विपक्ष का समर्थन, सरकार पर दबाव
सपा के इस बयान के बाद विपक्षी खेमे में भी हलचल तेज हो गई है। कई छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने भी भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्ष जांच और प्रदर्शनकारी युवाओं पर हुए पुलिस एक्शन की निंदा की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बेरोज़गारी और भर्ती घोटालों का मुद्दा आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा चुनावी सवाल बन सकता है।
फिलहाल, अखिलेश यादव के इस बयान से साफ है कि समाजवादी पार्टी बेरोज़गारी और भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे पर सरकार को लगातार घेरने की रणनीति पर काम कर रही है और युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में जुटी है।

