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सीजेपी से मेरा कोई संबंध नहीं: प्रदर्शन में शामिल होने पर ध्रुव राठी की सफाई

सीजेपी से मेरा कोई संबंध नहीं: प्रदर्शन में शामिल होने पर ध्रुव राठी की सफाई, राजनीति में आने को लेकर कही ये बात

Ancवार्ता,ब्यूरो,नई दिल्ल। यूट्यूबर ध्रुव राठी ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़ने की खबरों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि उनका किसी राजनीतिक दल में शामिल होने का इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत हैसियत से विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। उनका यह बयान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है।

सीजेपी से जुड़ने की खबरों पर ध्रुव राठी ने क्या कहा?

ध्रुव राठी ने साफ किया कि उनका कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल होने के उद्देश्य से प्रदर्शन में नहीं आए थे, बल्कि एक नागरिक के तौर पर इस मुद्दे पर अपनी बात रखने पहुंचे थे।

राठी के मुताबिक, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और देश की संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़े सवाल गंभीर हैं। ऐसे मामलों में केवल सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर अपनी राय रखना पर्याप्त नहीं है। इसी वजह से उन्होंने इस बार जमीन पर उतरकर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने का फैसला किया।

प्रदर्शन में शामिल होने का फैसला क्यों लिया?

ध्रुव राठी ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल और बिहार के चुनावों समेत कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर वीडियो बना चुके हैं। हालांकि, मौजूदा मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें लगा कि इस बार केवल वीडियो के माध्यम से अपनी बात रखने के बजाय प्रत्यक्ष रूप से प्रदर्शन में शामिल होना जरूरी है।

उन्होंने उम्मीद जताई थी कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होगा और लोगों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। उनका कहना था कि वह एक आम नागरिक के रूप में इस मुद्दे को समझने और विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे।

चुनाव आयोग और अन्य संस्थाओं की स्वतंत्रता पर उठाए सवाल

राठी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उठ रहे सवालों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस मामले को अदालत के स्तर पर भी देखा जाना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि देश की विभिन्न संस्थाओं के पास कितनी स्वतंत्रता और अधिकार हैं।

उन्होंने मीडिया, न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर दबाव होने के आरोपों का भी जिक्र किया। राठी ने दावा किया कि संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर उठ रहे सवालों को गंभीरता से समझने की जरूरत है। उन्होंने पुलिस व्यवस्था पर भी दबाव होने की बात कही।

सभी राजनीतिक दलों को एक साथ आने की सलाह

ध्रुव राठी ने कहा कि इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग दिनों में प्रदर्शन करने के बजाय सभी दलों को एकजुट होकर विरोध करना चाहिए। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों के बीच आपसी मतभेद और वैचारिक अंतर हो सकते हैं, लेकिन गंभीर मुद्दों पर उन्हें साथ आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक दल और आम नागरिक मिलकर अपनी आवाज उठाते हैं, तो संबंधित मुद्दे पर प्रभावी तरीके से ध्यान आकर्षित किया जा सकता है। राठी ने आगे होने वाले प्रदर्शनों में शामिल होने की संभावना पर भी विचार करने की बात कही।

हिरासत में बिताए 24 घंटे के बाद पुलिसकर्मियों को लेकर क्या बोले?

हिरासत में करीब 24 घंटे बिताने के अनुभव को साझा करते हुए ध्रुव राठी ने पुलिसकर्मियों की कार्य परिस्थितियों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि इस दौरान पुलिसकर्मियों से बातचीत में उन्हें उनके कामकाज, जिम्मेदारियों और काम के दबाव के बारे में जानने का मौका मिला।

राठी ने कहा कि वह केवल एक दिन के लिए हिरासत में रहे, जबकि पुलिसकर्मियों को अपनी पूरी नौकरी के दौरान लगातार दबाव और कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने पुलिसकर्मियों के काम के बोझ और वेतन से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताते हुए उनके प्रति सहानुभूति व्यक्त की।

कुल मिलाकर, ध्रुव राठी ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन में उनकी भागीदारी किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ने के लिए नहीं, बल्कि एक नागरिक के रूप में मुद्दे पर अपनी आवाज उठाने के लिए थी। उन्होंने राजनीति में शामिल होने की मंशा से इनकार किया और चुनावी प्रक्रिया तथा संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़े सवालों पर अपनी चिंता जाहिर की।


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