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अवसानेश्वर महादेव मंदिर चोरी का खुलासा, शातिर चोर के साथ चांदी गलाने वाला सुनार गिरफ्तार

ANCवार्ता, डॉ. रामशंकर, बाराबंकी

हैदरगढ़ क्षेत्र स्थित श्री अवसानेश्वर महादेव मंदिर में तीन फरवरी की रात हुई बड़ी चोरी की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में शातिर चोर के साथ चोरी की चांदी गलाने वाले सुनार को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 4.769 किलोग्राम चांदी, 7,000 रुपये नकद और चोरी में प्रयुक्त औजार बरामद किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ अवसानेश्वर मंदिर चोरी का खुलासा हुआ है, बल्कि जिले में हाल के दिनों में हुई अन्य मंदिर चोरियों की परतें भी खुल गई हैं।

मामले का खुलासा शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अर्पित विजयवर्गीय ने किया। एसपी ने बताया कि तीन फरवरी की रात करीब एक से तीन बजे के बीच आरोपी ने मंदिर परिसर में घुसकर गर्भगृह में रखे शिवलिंग पर लगे चांदी के छत्र और अरघा में बिछी चांदी को उखाड़ लिया था। चोरी की कुल चांदी की कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी गई थी, जिससे श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश फैल गया था।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन विशेष टीमों का गठन किया। इनमें क्राइम ब्रांच, स्वाट टीम, सर्विलांस यूनिट और हैदरगढ़ कोतवाली पुलिस को शामिल किया गया। जांच के दौरान मंदिर और आसपास के इलाकों में लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। साथ ही मैन्युअल इंटेलिजेंस और स्थानीय सूत्रों से भी लगातार सूचनाएं जुटाई गईं।

इन्हीं प्रयासों के आधार पर पुलिस ने सुबेहा थाना क्षेत्र के कछआ गांव निवासी वीरेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में वीरेंद्र ने स्वीकार किया कि उसी ने अवसानेश्वर महादेव मंदिर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी ने यह भी बताया कि चोरी की गई चांदी को गलाने के लिए उसने कोठी क्षेत्र के मूल निवासी और वर्तमान में असंद्रा थाना क्षेत्र के देवीगंज में रहने वाले जय विश्वकर्मा को दी थी। पुलिस ने इसके बाद देवीगंज से जय विश्वकर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया।

एसपी अर्पित विजयवर्गीय के मुताबिक बरामद चांदी में से 569 ग्राम चांदी पहले ही गलायी जा चुकी थी, जबकि शेष चांदी को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी वीरेंद्र बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। वह गूगल पर प्रमुख मंदिरों की लोकेशन और उनके धार्मिक महत्व की जानकारी सर्च करता था। इसके बाद वह मंदिरों की रेकी करता और मौके का सही समय देखकर चोरी की वारदात को अंजाम देता था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वीरेंद्र वर्ष 2024 में भी इसी तरह की एक मंदिर चोरी की घटना को अंजाम दे चुका है। महज दो वर्षों के भीतर उसके खिलाफ आठ आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। इससे साफ है कि वह लगातार देव स्थलों को निशाना बनाकर अपराध करता रहा है।

इस खुलासे के दौरान अन्य मंदिर चोरी के मामलों का भी पर्दाफाश हुआ है। एसपी ने बताया कि आरोपी वीरेंद्र ने चार जनवरी की रात असंद्रा थाना क्षेत्र के जरौली गांव स्थित हनुमान मंदिर से चांदी के दो मुकुट चोरी किए थे। इसके अलावा 31 जनवरी को रामसनेहीघाट क्षेत्र के बाबा रामसेनही मंदिर से इनवर्टर, सीसीटीवी कैमरा, डीवीआर और एलईडी टीवी भी चुरा लिए थे। इन सभी चोरी किए गए सामानों को पुलिस ने बरामद कर लिया है।

मंदिर चोरी के मामलों का सिलसिलेवार खुलासा होने से पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इससे न केवल श्रद्धालुओं में भरोसा बढ़ा है, बल्कि मंदिरों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन सतर्क हुआ है। एसपी ने स्पष्ट किया कि देव स्थलों की सुरक्षा के लिए आगे और कड़े इंतजाम किए जाएंगे तथा ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

मामले का त्वरित खुलासा करने पर एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने संयुक्त पुलिस टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। इस पुरस्कार में स्वाट टीम प्रभारी अंकित त्रिपाठी, सर्विलांस टीम प्रभारी अजय सिंह, हैदरगढ़ कोतवाल अभिमन्यु मल्ल सहित पूरी टीम को शामिल किया गया है।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अवसानेश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य मंदिरों में चोरी की घटनाओं को लेकर फैली चिंता कुछ हद तक कम हुई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि देव स्थलों की पवित्रता और सुरक्षा बनी रह सके।

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