लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय वस्तुओं पर शुल्क कम करने और भारत को एक विश्वसनीय वैश्विक साझेदार मानने से देश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है। लखनऊ में आयोजित यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश ने पिछड़े राज्य की पुरानी छवि को पीछे छोड़ते हुए अब राजस्व अधिशेष वाली अर्थव्यवस्था का स्वरूप ले लिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की साख में निरंतर वृद्धि हो रही है और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर शुल्क में कमी और भारत को भरोसेमंद साझेदार के रूप में स्वीकार किया जाना इस बात का संकेत है कि भारत अब वैश्विक आर्थिक मंच पर निर्णायक भूमिका निभाने की ओर अग्रसर है। योगी ने कहा कि इस सकारात्मक अंतरराष्ट्रीय वातावरण का सीधा लाभ राज्यों तक पहुंच रहा है और उत्तर प्रदेश इसका प्रमुख उदाहरण है।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि कभी बीमारू राज्यों में गिने जाने वाले उत्तर प्रदेश ने अब आर्थिक और औद्योगिक मोर्चे पर नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश अब पिछड़ा राज्य नहीं, बल्कि राजस्व अधिशेष वाला राज्य है।” मुख्यमंत्री के अनुसार, वित्तीय अनुशासन, प्रशासनिक सुधारों और निवेश-अनुकूल नीतियों के चलते राज्य की आय में लगातार वृद्धि हुई है और व्यय प्रबंधन भी बेहतर हुआ है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित पहले निवेश शिखर सम्मेलन में लगभग 20,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया गया था। इसके बाद से उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि भूमि बैंक की सुविधा, सिंगल विंडो सिस्टम, ऑनलाइन अनुमतियों और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया जैसे सुधारों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है, जहां औद्योगिक विकास की गति सबसे तेज है।
फार्मा और चिकित्सा क्षेत्र पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को दवा निर्माण और स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में सरकार गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि फार्मा सेक्टर में निवेश बढ़ने से न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं भी उपलब्ध होंगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में मेडिकल डिवाइस, बायोटेक्नोलॉजी और फार्मास्युटिकल रिसर्च के लिए अनुकूल इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 2 करोड़ रुपये की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि एआई आधारित तकनीकों से स्वास्थ्य सेवाओं और रोग निदान में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। योगी ने बताया कि एआई की मदद से गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान, सटीक उपचार और दूरदराज के इलाकों तक विशेषज्ञ सेवाएं पहुंचाना संभव होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में प्रस्तावित एआई सम्मेलन का भी उल्लेख किया और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलें राज्यों को तकनीकी रूप से सशक्त बना रही हैं। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश इन पहलों को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि उत्तर प्रदेश आज निवेश, उद्योग, स्वास्थ्य और तकनीक के क्षेत्र में नए अवसरों का राज्य बन चुका है। उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों का लाभ उठाएं और राज्य की विकास यात्रा में सहभागी बनें। योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश न केवल देश की, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

