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GRAP-4 लागू : दिल्ली-एनसीआर में हवा ‘अति गंभीर’, एक दिन में दूसरी बार बदला गया ग्रैप

श्वेता शर्मा, विशेष संवाददाता, दिल्ली महानगर ANCवार्ता

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। बढ़ते एक्यूआई और बिगड़ती हवा की स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शनिवार को GRAP-4 लागू करने का फैसला लिया। खास बात यह है कि एक ही दिन में दूसरी बार ग्रैप का स्तर बदला गया। सुबह जहां ग्रैप-3 की घोषणा की गई थी, वहीं शाम होते-होते हालात और बिगड़ने पर सबसे सख्त चरण ग्रैप-4 को लागू करना पड़ा।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार शाम 4 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 431 दर्ज किया गया था, जो दो घंटे बाद बढ़कर 441 तक पहुंच गया। यह स्तर ‘अति गंभीर’ श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों का कहना है कि धीमी हवा की रफ्तार, स्थिर वातावरण और खराब मौसमीय परिस्थितियों के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फंस गए, जिससे स्मॉग की स्थिति और गंभीर हो गई।

तेजी से बिगड़ते हालात, आयोग की आपात बैठक

वायु गुणवत्ता में अचानक आई गिरावट को देखते हुए CAQM की उपसमिति ने तत्काल बैठक कर हालात की समीक्षा की। समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि यदि सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। इसके बाद आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से GRAP-4 लागू करने का निर्णय लिया। साथ ही एनसीआर के सभी प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अतिरिक्त और प्रभावी कदम उठाएं।

आयोग ने स्पष्ट किया कि GRAP-4, पहले से लागू GRAP-1, 2 और 3 के सभी उपायों के अतिरिक्त होगा। यानी अब दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप के चारों चरणों की पाबंदियां एक साथ प्रभावी रहेंगी।

GRAP-3 के तहत पहले से लागू पाबंदियां

GRAP-3 के अंतर्गत पहले ही कई सख्त प्रतिबंध लागू किए जा चुके हैं। इनमें एनसीआर में निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर कड़ी रोक शामिल है। खुदाई, पाइलिंग, सीवर लाइन, पानी और बिजली की लाइन बिछाने जैसे कार्यों को रोक दिया गया है। हालांकि रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा, अस्पताल, हाईवे और सैनिटेशन से जुड़े राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट्स को छूट दी गई है।

इसके अलावा पूरे एनसीआर में स्टोन क्रशरों का संचालन बंद कर दिया गया है और सभी प्रकार की खनन गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। वाहन प्रतिबंधों के तहत दिल्ली और आसपास के जिलों—गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर—में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल चारपहिया वाहनों के संचालन पर सख्त रोक लगाई गई है। दिव्यांगों के लिए विशेष रूप से अनुकूलित वाहनों को इससे छूट दी गई है।

दिल्ली में बीएस-4 या उससे नीचे के डीजल मध्यम मालवाहक वाहनों पर भी रोक है, सिवाय आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं से जुड़े वाहनों के। वहीं दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-4 डीजल मालवाहक वाहनों को भी राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं है।

GRAP-4 के तहत सबसे सख्त प्रतिबंध

GRAP-4 के लागू होने के साथ ही प्रतिबंधों को और सख्त कर दिया गया है। इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्ग, सड़क, फ्लाईओवर, ओवर ब्रिज, बिजली वितरण और आवश्यक सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं को छोड़कर सभी तरह के निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर भी सख्त प्रतिबंध लागू किया गया है। केवल आवश्यक वस्तुएं लेकर आने वाले ट्रकों, सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों तथा बीएस-VI मानक वाले ट्रकों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-आवश्यक हल्के वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। साथ ही दिल्ली में पंजीकृत बीएस-IV या उससे पुराने डीजल के भारी मालवाहक वाहनों का संचालन बंद रहेगा।

स्कूल, कॉलेज और दफ्तरों पर असर

GRAP-4 का असर शिक्षा और कार्यालयी व्यवस्था पर भी पड़ा है। आदेश के अनुसार कक्षा 6 से 9 और 11वीं तक की पढ़ाई ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में कराई जा सकती है। पहले से ही कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए हाइब्रिड कक्षाएं अनिवार्य कर दी गई थीं।

सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालयों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ काम करने और शेष कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू करने के निर्देश दिए जा सकते हैं। केंद्र सरकार भी अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम को लेकर निर्णय ले सकती है।

नागरिकों से अपील

CAQM ने आम नागरिकों से GRAP के सिटीजन चार्टर का सख्ती से पालन करने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे छोटी दूरी के लिए पैदल चलें या साइकिल का उपयोग करें, सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग को बढ़ावा दें, अनावश्यक यात्राओं से बचें और कोयला या लकड़ी से गर्माहट न लें। सुरक्षा कर्मियों के लिए इलेक्ट्रिक हीटर के इस्तेमाल की भी सलाह दी गई है।

AQI के आधार पर GRAP के चरण

  • 201–300 (खराब): GRAP-1
  • 301–400 (बहुत खराब): GRAP-2
  • 401–450 (गंभीर): GRAP-3
  • 450 से ऊपर (अति गंभीर): GRAP-4

फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर और कड़े कदम उठाए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मौसम में बदलाव नहीं आता और प्रदूषण स्रोतों पर सख्ती से नियंत्रण नहीं होता, तब तक राहत मिलना मुश्किल है।

 

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