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बिहार की नई सरकार पर अंतिम दौर की हलचल

 NDA के 18 संभावित मंत्री, 20 नवंबर को नीतीश की 10वीं बार शपथ संभव; डिप्टी CM की रेस में सम्राट, मंगल और रामकृपाल

ANCवार्ता, ब्यूरो पटना

बिहार की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर है। 2020 के बाद 2025 में भी सत्ता का समीकरण बदलने वाला है और NDA गठबंधन में सरकार गठन की हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार, 17 नवंबर को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे और उसी दिन फिर से नई सरकार बनाने का दावा भी करेंगे। यह वही राजनीतिक चक्र है जो पिछले पाँच वर्षों में दूसरी बार दोहराया जा रहा है।

शपथग्रहण समारोह को लेकर भी तैयारी शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि 18 से 20 नवंबर के बीच नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। नई सरकार में उनके साथ लगभग 18 मंत्री शपथ ले सकते हैं और मंत्रिमंडल का आकार 30–32 तक पहुँच सकता है। विधानसभा की वर्तमान संख्या के अनुसार बिहार में कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं।

JDU–BJP बराबरी से मंत्री, LJP(R), HAM और RLM को भी हिस्सा मिलने की संभावना

सूत्रों का कहना है कि इस बार मंत्रिमंडल में JDU और BJP के मंत्री समान संख्या में होंगे। साथ ही NDA के तीसरे सबसे बड़े घटक चिराग पासवान की LJP(R) को 3 मंत्री पद, और HAM तथा उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को 1–1 मंत्री पद दिए जा सकते हैं।

पिछली सरकार में जहाँ JDU के 13 मंत्री थे, वहीं इस बार भी JDU अपने अधिकतर पुराने मंत्रियों को ही बनाए रख सकती है। अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि JDU कोटे से 10 मंत्री दोबारा पद की शपथ ले सकते हैं। पार्टी बड़े फेरबदल के मूड में नहीं दिखाई दे रही।

इसके उलट BJP इस बार मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव कर सकती है। राजस्थान और मध्य प्रदेश की तरह बिहार में भी पार्टी कई नए चेहरों को मौका दे सकती है और पुराने चेहरों को हटाने का प्रयोग दोहरा सकती है।

डिप्टी CM की रेस: BJP में तीन दावेदार; LJP(R) भी मैदान में

बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद BJP एक बार फिर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री मानने को तैयार है। लेकिन डिप्टी मुख्यमंत्री किसे बनाया जाए, इस पर चर्चा जारी है। पार्टी में तीन नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं—

  • सम्राट चौधरी
  • रामकृपाल यादव
  • मंगल पांडे

बड़ी बात यह है कि LJP(R) भी एक डिप्टी CM पद पर दावा कर रही है। हालांकि उसने सार्वजनिक रूप से इसका दावा नहीं किया है, लेकिन अंदरखाने चर्चाएँ जारी हैं। अंतिम फैसला BJP ही करेगी।

पिछली बार BJP के दो डिप्टी CM थे—विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी। इस बार दोनों को बदला जा सकता है, लेकिन सम्राट अभी भी रेस में हैं।

स्पीकर पद पर फिर BJP का दावा, विजय सिन्हा की वापसी संभव

माना जा रहा है कि इस बार भी बिहार विधानसभा का स्पीकर BJP से ही होगा। यह भी चर्चा है कि विजय सिन्हा को डिप्टी CM की बजाय स्पीकर बनाया जा सकता है।

2010 तक यह पद नीतीश कुमार अपने पास रखते थे, लेकिन 2020 में परिस्थितियाँ बदलीं और BJP ने यह पद अपने हिस्से में ले लिया।

2020–25 के दौरान NDA गठबंधन दो बार टूटा और जुड़ा, और दोनों बार BJP के स्पीकर बने।

इस बार JDU का नंबर और बढ़ा है, लेकिन स्पीकर पद पर BJP की पकड़ बनी रहेगी।

NDA की मजबूती: BJP 89, JDU 85, LJP(R) 19 सीटों के साथ सरकार

पूरे चुनावी नतीजे बताते हैं कि NDA इस बार भारी बहुमत के साथ सत्ता में लौटा है।

  • BJP – 89 सीटें
  • JDU – 85 सीटें
  • LJP(R) – 19 सीटें
  • HAM – 5 सीटें
  • RLM (उपेंद्र कुशवाहा) – 4 सीटें

इन सबके साथ NDA 202 सीटों के साथ सत्ता में आ गया है, जो 2005 और 2010 के रिकॉर्ड के समान है।

विशेष बात यह है कि 2020 में सबसे कमजोर स्थिति में रही JDU में इस बार बड़ा उछाल आया है। 43 से बढ़कर 85 सीटें मिलने के बाद पार्टी की भूमिका फिर से महत्वपूर्ण हो गई है।

नीतीश कुमार की 10वीं पारी: 17 नवंबर को इस्तीफा, 18–20 नवंबर के बीच शपथ

सूत्रों की मानें तो 17 नवंबर को नीतीश सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक होगी। इसमें विधानसभा को भंग करने की सिफारिश भी शामिल हो सकती है। उसी दिन नीतीश राज्यपाल को इस्तीफा देंगे और नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।

शनिवार की रात JDU के शीर्ष नेता संजय कुमार झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह दिल्ली पहुंचे, जहाँ उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह सहित BJP के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। इससे पहले उन्होंने पटना में CM से भी चर्चा की।
सीएम आवास में चिराग पासवान भी पहुंचे और उन्होंने नीतीश से नई सरकार को लेकर लंबी बातचीत की।

उधर, उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान दोनों ने स्पष्ट कहा—

नीतीश ही मुख्यमंत्री होंगे।”

नया मंत्रिमंडल: जातीय समीकरण, युवा चेहरे और राजनीतिक संतुलन पर फोकस

BJP ने हाल ही में राजस्थान और मध्य प्रदेश में जो रणनीति अपनाई—नई टीम, युवा चेहरे और जातीय संतुलन—उसी को बिहार में दोहराया जा सकता है।

  • राजस्थान में 22 में से 17 नए मंत्री
  • MP में 28 में से 22 नए चेहरे

BJP बिहार में भी कुछ दिग्गजों को हटाकर नई टीम को मौका दे सकती है। जातीय संतुलन को भी विशेष महत्व मिल सकता है।

इसमें विशेष रूप से

  • ब्राह्मण
  • राजपूत
  • कुर्मी
  • बनिया
  • पासी
  • दलित
  • महादलित
  • ईबीसी

हर समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व देने की योजना पर चर्चा है।

संभावित नए चेहरे: किसे मिल सकती है जगह?

सूत्रों के अनुसार संभावित मंत्रियों में ये नाम चल रहे हैं—

  • LJP(R) से: राजू तिवारी
  • HAM से: संतोष मांझी
  • RLM से: स्नेहलता कुशवाहा (उपेंद्र की पत्नी)
  • BJP से: रजनीश कुमार, मंगल पांडे, संजय पासवान आदि
  • JDU से: अधिकांश पुराने चेहरे बरकरार

नीतीश–BJP संबंध: सत्ता का नया समीकरण

2010 और 2020 की तुलना करें तो NDA की सरकार में हमेशा यही देखा गया है—

  • जब JDU बड़ी पार्टी रही → मंत्रिमंडल में JDU प्रमुख
  • जब BJP बड़ी रही → BJP प्रमुख

2025 के चुनाव में BJP भले ही सबसे बड़ी पार्टी बनी हो, लेकिन JDU की सीटें दोगुनी होकर 85 तक पहुँच जाना नीतीश की राजनीतिक ताकत को फिर से स्थापित करता है।

इसलिए इस बार

  • CM नीतीश
  • मंत्री बराबर
  • डिप्टी CM पर BJP का फैसला
  • LJP(R) और RLM को भी उचित हिस्सेदारी

यानी NDA का सूत्र है—

बड़ी BJP + मजबूत JDU + नई LJP(R)”

20 नवंबर की तारीख पर सभी की नजरें

अभी सबकी निगाहें 20 नवंबर पर टिकी हैं, जब नीतीश कुमार अपनी 10वीं बार शपथ लेकर नया रिकॉर्ड बना सकते हैं।
यह साबित करता है कि बिहार की राजनीति में नीतीश अभी भी सबसे केंद्रीय चेहरा हैं।

नए मंत्रिमंडल में

  • युवा चेहरे
  • जातीय संतुलन
  • नई राजनीतिक साझेदारी
  • और बड़े पैमाने पर बदलाव

बिहार की नई NDA सरकार के लिए दिशा तय करेंगे।

 

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