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नवरात्रि 2025 – नवदुर्गा पूजा- कब करें प्रतिदिन … 

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1. प्रतिपदा (22 सितम्बर, सोमवार) – मां शैलपुत्री

  • मंत्र:
    ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥

  • पूजन मुहूर्त: प्रातःकाल 06:09 से 08:06 बजे तक

  • विशेषता: पर्वत की पुत्री, स्थिरता और संयम की प्रतीक।

2. द्वितीया (23 सितम्बर, मंगलवार) – मां ब्रह्मचारिणी

  • मंत्र:
    ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥

  • पूजन मुहूर्त: सूर्योदय से प्रातः 08:00 बजे तक

  • विशेषता: तपस्या, आत्मसंयम और ज्ञान की देवी।

3. तृतीया (24 सितम्बर, बुधवार) – मां चंद्रघंटा

  • मंत्र:
    ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥

  • पूजन मुहूर्त: प्रातः 06:05 से 08:10 बजे तक

  • विशेषता: सिंहवाहिनी, आध्यात्मिक शक्ति और विजय की प्रतीक।

4. चतुर्थी (25 सितम्बर, गुरुवार) – मां कूष्माण्डा

  • मंत्र:
    ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥

  • पूजन मुहूर्त: प्रातः 06:06 से 08:07 बजे तक

  • विशेषता: सृष्टि की आदिशक्ति, स्वास्थ्य और आयु प्रदान करती हैं।

5. पंचमी (26 सितम्बर, शुक्रवार) – मां स्कंदमाता

  • मंत्र:
    ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥

  • पूजन मुहूर्त: प्रातः 06:07 से 08:05 बजे तक

  • विशेषता: कार्तिकेय की माता, संतान सुख और उन्नति की देवी।

6. षष्ठी (27 सितम्बर, शनिवार) – मां कात्यायनी

  • मंत्र:
    ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥

  • पूजन मुहूर्त: प्रातः 06:08 से 08:06 बजे तक

  • विशेषता: शक्ति का उग्र रूप, विवाह योग्य कन्याओं के लिए मंगलकारी।

7. सप्तमी (28 सितम्बर, रविवार) – मां कालरात्रि

  • मंत्र:
    ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥

  • पूजन मुहूर्त: प्रातः 06:09 से 08:07 बजे तक

  • विशेषता: अंधकार और भय का नाश करने वाली।

8. अष्टमी (29 सितम्बर, सोमवार) – मां महागौरी

  • मंत्र:
    ॐ देवी महागौर्यै नमः॥

  • पूजन मुहूर्त: प्रातः 06:10 से 08:05 बजे तक

  • विशेषता: सौंदर्य, शांति और वैवाहिक सुख की अधिष्ठात्री।

9. नवमी (30 सितम्बर, मंगलवार) – मां सिद्धिदात्री

  • मंत्र:
    ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥

  • पूजन मुहूर्त: प्रातः 06:11 से 08:04 बजे तक

  • विशेषता: सिद्धि और चमत्कारों की देवी, भक्तों को अद्भुत शक्तियाँ प्रदान करती हैं।

विशेष बातें

  • रोज़ पूजा का सर्वोत्तम समय सूर्योदय से प्रातः 8 बजे तक रहेगा।

  • अभिजीत मुहूर्त (लगभग 11:45 से 12:35 बजे तक) वैकल्पिक समय है।

  • प्रत्येक दिन माता के स्वरूप के अनुसार पुष्प, नैवेद्य और रंग का विशेष महत्व है।

ANC Varta

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