ANCVarta ब्यूरो, नई दिल्ली
दिल्ली-एनसीआर में यमुना नदी एक बार फिर रौद्र रूप दिखाने लगी है। पहाड़ों पर लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी ने दिल्लीवासियों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार सुबह 7 बजे पुराने रेलवे पुल पर यमुना का जलस्तर 204.59 मीटर दर्ज किया गया, जो कि चेतावनी बिंदु 204.50 मीटर से ऊपर है। दोपहर 12 बजे तक भी यह स्तर 204.57 मीटर पर बना रहा।
लगातार बढ़ रहा बहाव
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे करीब 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते दिल्ली के वजीराबाद बैराज से भी पानी छोड़ा जा रहा है। तेज बहाव का असर निचले इलाकों में सबसे पहले दिख सकता है। अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ों पर बारिश जारी रही तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
दिल्ली प्रशासन ने सभी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा है। 24 घंटे जलस्तर की निगरानी की जा रही है। राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, यमुना किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है।
क्या है खतरे का स्तर?
- चेतावनी का निशान: 204.50 मीटर
- खतरे का निशान: 205.33 मीटर
- निकासी शुरू करने का स्तर: 206.00 मीटर
यदि जलस्तर 206 मीटर तक पहुंचता है तो निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा।
यमुना का मिज़ाज दिल्ली के लिए चुनौती
बार-बार चेतावनी और खतरे की रेखा पार करना साफ़ दिखाता है कि यमुना का मिज़ाज फिलहाल शांत नहीं है। अगस्त के आखिरी हफ़्ते में पानी का यह दबाव दिल्ली के लिए चुनौती बन गया है। प्रशासन भले दावा कर रहा हो कि हालात पर नज़र रखी जा रही है, लेकिन निचले इलाकों में रहने वालों के लिए यह समय बेहद सतर्क रहने का है।

